क्रिप्टोकरेंसी में निवेश: बिटकॉइन और एथेरियम के अलावा टॉप 10 विकल्प (2026 अपडेट)

Written by Finmaster 

कुछ साल पहले की बात है। मेरे एक दोस्त ने 10,000 रुपये की एक छोटी-सी नौकरी छोड़कर कुछ अजीब-सी चीज़ में पैसा लगाया। नाम था बिटकॉइन। उस वक्त लोग हँसे थे। "यह क्या बकवास है? कागज का टुकड़ा भी नहीं, सरकार की गारंटी भी नहीं!" आज वही दोस्त विदेश घूम रहा है और उसके पास अपना घर है।



क्रिप्टोकरेंसी की कहानी यही है - या तो लोग इसे पूरी तरह नकारते हैं, या फिर इसे भविष्य का पैसा मानते हैं। 2026 में आते-आते, यह डिजिटल दुनिया का एक अहम हिस्सा बन चुकी है। अब सिर्फ बिटकॉइन और एथेरियम ही नहीं, बल्कि हजारों दूसरे क्रिप्टो प्रोजेक्ट हैं जो अलग-अलग काम कर रहे हैं।

सवाल है: बिटकॉइन और एथेरियम के अलावा और क्या विकल्प हैं? कहाँ निवेश करें? कैसे शुरुआत करें?

चलिए, इस पूरी दुनिया को समझते हैं, बिल्कुल सरल भाषा में।

क्रिप्टोकरेंसी क्या है? पहले ये समझें

सबसे पहले, बुनियादी बात। क्रिप्टोकरेंसी एक डिजिटल या वर्चुअल मुद्रा है जो क्रिप्टोग्राफी (गणित के जटिल कोड) से सुरक्षित होती है। इसे किसी सरकार या बैंक का सपोर्ट नहीं होता। यह पूरी तरह डिसेंट्रलाइज्ड (विकेंद्रीकृत) होती है, यानी किसी एक कंपनी या सरकार का इस पर कंट्रोल नहीं।

बिटकॉइन सबसे पहली क्रिप्टोकरेंसी थी, जिसे 2009 में किसी गुमनाम शख्स (या ग्रुप) 'सातोशी नाकामोटो' ने बनाया। इसके बाद एथेरियम आया, जिसने स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट का कॉन्सेप्ट दिया। और अब हजारों दूसरे क्रिप्टो हैं।

बिटकॉइन और एथेरियम के बाद: टॉप 10 क्रिप्टो विकल्प (2026)

1. सोलाना (Solana - SOL)

सोलाना को "एथेरियम किलर" कहा जाता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत है इसकी स्पीड। सोलाना पर ट्रांजैक्शन बहुत तेज होते हैं और फीस बहुत कम लगती है。

  • क्या काम आती है: DeFi (डिसेंट्रलाइज्ड फाइनेंस) ऐप्स, NFT मार्केटप्लेस, गेमिंग प्रोजेक्ट्स।
  • क्यों चर्चित है: Visa जैसी बड़ी कंपनियों ने सोलाना के साथ पार्टनरशिप की है। 2026 में इसका नेटवर्क और मजबूत हुआ है।

2. कार्डानो (Cardano - ADA)

कार्डानो को वैज्ञानिक रिसर्च और पीयर-रिव्यू के बेस पर बनाया गया है। इसके फाउंडर चार्ल्स हॉस्किंसन एथेरियम के को-फाउंडर भी रहे हैं。

  • क्या काम आती है: शैक्षणिक संस्थानों के लिए वेरिफिकेशन सिस्टम, सप्लाई चेन ट्रैकिंग, सरकारी प्रोजेक्ट्स।
  • क्यों चर्चित है: अफ्रीका में कई सरकारी प्रोजेक्ट्स कार्डानो पर बन रहे हैं। इथियोपिया में छात्रों के डिजिटल आइडेंटिटी के लिए कार्डानो का इस्तेमाल हो रहा है।

3. पोलकाडॉट (Polkadot - DOT)

पोलकाडॉट को "ब्लॉकचेन ऑफ ब्लॉकचेन" कहा जाता है। इसका मकसद अलग-अलग ब्लॉकचेन को आपस में जोड़ना है, ताकि वे एक-दूसरे से बात कर सकें。

  • क्या काम आती है: क्रॉस-चेन ब्रिज, इंटरऑपरेबल ऐप्स, पैराचेन प्रोजेक्ट्स।
  • क्यों चर्चित है: 2026 में पोलकाडॉट 2.0 लॉन्च हुआ, जिसने इसकी स्केलेबिलिटी और भी बढ़ा दी।

4. चेनलिंक (Chainlink - LINK)

चेनलिंक एक ओरेकल नेटवर्क है। यह ब्लॉकचेन को रियल-वर्ल्ड डेटा (जैसे किसी शेयर का भाव, मौसम की जानकारी, स्पोर्ट्स रिजल्ट) से जोड़ता है。

  • क्या काम आती है: DeFi कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए प्राइस फीड, इंश्योरेंस कॉन्ट्रैक्ट्स, गेमिंग में रैंडम नंबर जेनरेशन।
  • क्यों चर्चित है: चेनलिंक SWIFT (ग्लोबल बैंकिंग नेटवर्क) के साथ पार्टनरशिप कर चुका है, जिससे बैंक क्रिप्टो से जुड़ सकेंगे।

5. एवलांच (Avalanche - AVAX)

एवलांच भी एक स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट प्लेटफॉर्म है, जो सोलाना की तरह तेज और सस्ता है। इसकी खासियत है इसके तीन अलग-अलग चेन, जो अलग-अलग काम करती हैं。

  • क्या काम आती है: DeFi, गेमिंफाई, सबनेट प्रोजेक्ट्स।
  • क्यों चर्चित है: गेमिंग इंडस्ट्री में इसकी बहुत पकड़ है। कई बड़े गेमिंग प्रोजेक्ट्स एवलांच पर बने हैं।

6. पॉलीगॉन (Polygon - MATIC)

पॉलीगॉन एथेरियम के लिए एक लेयर-2 स्केलिंग सॉल्यूशन है। यह एथेरियम को तेज और सस्ता बनाता है。

  • क्या काम आती है: DeFi ऐप्स, NFT मिंटिंग, एंटरप्राइज ब्लॉकचेन सॉल्यूशंस।
  • क्यों चर्चित है: स्टारबक्स, डिज्नी, मेटा (Facebook) जैसी कंपनियों ने पॉलीगॉन के साथ प्रोजेक्ट्स किए हैं।

7. लाइटकॉइन (Litecoin - LTC)

लाइटकॉइन बिटकॉइन का छोटा भाई है। इसे बिटकॉइन के कोड को थोड़ा बदलकर बनाया गया। इसका मकसद रोजमर्रा के पेमेंट्स के लिए एक फास्ट और सस्ता ऑप्शन बनना था。

  • क्या काम आती है: पेमेंट्स, ट्रांजैक्शन्स, वैल्यू ट्रांसफर।
  • क्यों चर्चित है: बिटकॉइन के बाद सबसे पुरानी क्रिप्टो में से एक है। कई मर्चेंट इसे पेमेंट के रूप में स्वीकार करते हैं।

8. यूनिस्वैप (Uniswap - UNI)

यूनिस्वैप एक डिसेंट्रलाइज्ड एक्सचेंज (DEX) है। यह कोई कंपनी नहीं, बल्कि एक प्रोटोकॉल है जहाँ लोग सीधे एक-दूसरे से क्रिप्टो ट्रेड कर सकते हैं。

  • क्या काम आती है: गवर्नेंस टोकन (UNI होल्डर्स प्रोटोकॉल के फैसलों में वोट कर सकते हैं), लिक्विडिटी प्रोवाइडिंग।
  • क्यों चर्चित है: DeFi की दुनिया में यूनिस्वैप सबसे बड़े प्लेयर्स में से एक है।

9. एप्टॉस (Aptos - APT)

एप्टॉस एक नई पीढ़ी का ब्लॉकचेन है, जिसे फेसबुक (मेटा) के डायम (Diem) प्रोजेक्ट पर काम करने वाले डेवलपर्स ने बनाया है。

  • क्या काम आती है: हाई-परफॉर्मेंस ऐप्स, गेमिंफाई, सोशलफाई।
  • क्यों चर्चित है: इसकी टेक्नोलॉजी (Move लैंग्वेज) बहुत एडवांस है और यह बहुत तेज है। 2026 में इसका इकोसिस्टम तेजी से बढ़ा है।

10. टनकॉइन (Toncoin - TON)

टनकॉइन को टेलीग्राम ने शुरू किया था। अब यह एक कम्युनिटी-ड्रिवन प्रोजेक्ट है, जो टेलीग्राम से गहराई से जुड़ा है。

  • क्या काम आती है: टेलीग्राम ऐप के अंदर माइक्रोपेमेंट्स, डिसेंट्रलाइज्ड स्टोरेज, DNS सर्विसेज।
  • क्यों चर्चित है: 900 मिलियन से ज्यादा टेलीग्राम यूजर्स के लिए यह सबसे आसान क्रिप्टो एक्सेस प्वाइंट है।

क्रिप्टो में निवेश के तरीके: शुरुआत कैसे करें?

अब जब आपको पता चल गया कि क्या-क्या विकल्प हैं, तो अगला सवाल है - निवेश कैसे करें?

तरीका 1: सीधे क्रिप्टो एक्सचेंज से खरीदें

यह सबसे आम तरीका है। भारत में कई रेगुलेटेड क्रिप्टो एक्सचेंज हैं, जहाँ आप INR जमा करके सीधे क्रिप्टो खरीद सकते हैं।

एक्सचेंज की श्रेणी मशहूर प्लेटफॉर्म्स (उदाहरण)
भारतीय एक्सचेंज CoinDCX, WazirX, ZebPay, CoinSwitch
इंटरनेशनल एक्सचेंज Binance, Coinbase, Kraken

कैसे करें:

  1. एक्सचेंज पर अकाउंट खोलें और KYC कराएँ।
  2. UPI या बैंक ट्रांसफर से INR जमा करें।
  3. जिस क्रिप्टो में निवेश करना है, वह खरीदें।

तरीका 2: क्रिप्टो ETF (Exchange Traded Fund)

अमेरिका और कनाडा जैसे देशों में क्रिप्टो ETF उपलब्ध हैं। ये फंड सीधे क्रिप्टो की कीमत को ट्रैक करते हैं और स्टॉक एक्सचेंज पर ट्रेड होते हैं।

  • फायदा: सीधे क्रिप्टो खरीदने और स्टोर करने की जरूरत नहीं। वॉलेट और प्राइवेट की की टेंशन नहीं।

तरीका 3: ब्लॉकचेन कंपनियों के शेयर

अगर आप सीधे क्रिप्टो नहीं खरीदना चाहते, तो उन कंपनियों के शेयर खरीद सकते हैं जो क्रिप्टो इंडस्ट्री में हैं।

  • उदाहरण:
    • Coinbase (COIN): अमेरिका का सबसे बड़ा क्रिप्टो एक्सचेंज।
    • MicroStrategy (MSTR): यह कंपनी बहुत बड़ी मात्रा में बिटकॉइन खरीद चुकी है।
    • Marathon Digital (MARA) / Riot Platforms (RIOT): बिटकॉइन माइनिंग कंपनियाँ।
    • NVIDIA (NVDA): GPU बनाने वाली कंपनी, जिसका इस्तेमाल माइनिंग और AI में होता है।

तरीका 4: क्रिप्टो म्यूचुअल फंड

विदेशों में कई म्यूचुअल फंड हैं जो क्रिप्टो इंडस्ट्री में निवेश करते हैं। अब भारत में भी कुछ इंटरनेशनल फंड ऑफ फंड्स (FoF) आ गए हैं जो इनमें निवेश करते हैं।

2026 में क्रिप्टो के नए ट्रेंड्स

2026 में क्रिप्टो की दुनिया तेजी से बदल रही है। यहाँ कुछ नए ट्रेंड्स हैं जिन पर निवेशक ध्यान दे रहे हैं:

  1. RWA (Real World Assets) टोकनाइजेशन: अब असली दुनिया की संपत्तियाँ - जैसे सरकारी बॉन्ड, रियल एस्टेट, गोल्ड, आर्ट - को ब्लॉकचेन पर टोकन के रूप में लाया जा रहा है। इससे ये एसेट्स 24x7 ट्रेडेबल और फ्रैक्शनली ओन्ड हो सकते हैं।
  2. DePIN (Decentralized Physical Infrastructure Networks): यह एक नया ट्रेंड है जहाँ ब्लॉकचेन का इस्तेमाल फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर (जैसे वाई-फाई नेटवर्क, स्टोरेज नेटवर्क, सेंसर नेटवर्क) बनाने के लिए हो रहा है। आम लोग अपने डिवाइस शेयर करके इस नेटवर्क का हिस्सा बन सकते हैं और कमाई कर सकते हैं।
  3. AI + Crypto: AI और क्रिप्टो का मिलन 2026 का सबसे हॉट ट्रेंड है। AI एजेंट्स के लिए पेमेंट, AI ट्रेनिंग डेटा की वेरिफिकेशन, डिसेंट्रलाइज्ड AI नेटवर्क्स - इन सबमें क्रिप्टो का इस्तेमाल हो रहा है।
  4. स्टेबलकॉइन का विस्तार: स्टेबलकॉइन (जैसे USDT, USDC) अब सिर्फ क्रिप्टो ट्रेडिंग तक सीमित नहीं हैं। क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट्स, रेमिटेंस, और अब तो कंपनियाँ अपने कैश रिजर्व भी स्टेबलकॉइन में रखने लगी हैं।
  5. गेमिंफाई (GameFi): Play-to-Earn गेम्स अब और मैच्योर हो गए हैं। अब सिर्फ कमाई ही नहीं, बल्कि असली गेमिंग एक्सपीरियंस पर फोकस है। कई AAA गेम्स ब्लॉकचेन पर आ चुके हैं।

निवेश से पहले 5 जरूरी बातें

  1. रिसर्च करें (DYOR - Do Your Own Research): किसी भी क्रिप्टो में पैसा लगाने से पहले उसके बारे में पूरी जानकारी लें। व्हाइटपेपर पढ़ें, टीम के बारे में जानें, उसके यूज केस समझें। सिर्फ इसलिए न खरीदें कि कोई इंफ्लुएंसर बढ़ा रहा है।
  2. सिर्फ उतना लगाएँ जितना खो सकते हैं: यह सुनहरा नियम है। क्रिप्टो बाजार में 50-60% की गिरावट आम बात है। सिर्फ उतना पैसा लगाएँ, जितना पूरी तरह खोने का जोखिम उठा सकते हैं।
  3. वॉलेट सिक्योरिटी का ध्यान रखें: अगर आप लंबी अवधि के लिए होल्ड कर रहे हैं, तो एक्सचेंज पर क्रिप्टो न रखें। हार्डवेयर वॉलेट (जैसे लेजर, ट्रेजर) में रखें। प्राइवेट की किसी को न बताएँ।
  4. पोर्टफोलियो डायवर्सिफिकेशन: अपना सारा पैसा एक ही क्रिप्टो में न लगाएँ। बिटकॉइन और एथेरियम जैसे बड़े नामों के साथ कुछ छोटे क्रिप्टो का बैलेंस बनाएँ।
  5. टैक्स के बारे में जानें: भारत में क्रिप्टो पर 30% टैक्स + सेस लगता है। हर ट्रांजैक्शन का रिकॉर्ड रखें। टैक्स चोरी न करें, क्योंकि सरकार के पास सारी जानकारी है।

क्रिप्टो में निवेश के जोखिम

  • अस्थिरता (Volatility): कीमतें 50-60% तक गिर सकती हैं।
  • रेगुलेटरी जोखिम: सरकारें कभी भी प्रतिबंध लगा सकती हैं।
  • सिक्योरिटी जोखिम: हैकिंग, स्कैम, फ्रॉड का खतरा।
  • टेक्नोलॉजी जोखिम: कोई नई टेक्नोलॉजी पुरानी को बेकार कर सकती है।

शुरुआती निवेशकों के लिए सरल रणनीति

अगर आप बिल्कुल नए हैं और क्रिप्टो में निवेश शुरू करना चाहते हैं, तो यह सिंपल स्ट्रैटेजी फॉलो करें:

  1. पहला कदम: अपनी कुल निवेश राशि का 60% बिटकॉइन (BTC) में लगाएँ।
  2. दूसरा कदम: 30% एथेरियम (ETH) में लगाएँ।
  3. तीसरा कदम: बाकी 10% सोलाना (SOL) और पॉलीगॉन (MATIC) जैसे स्ट्रॉन्ग ऑल्टकॉइन में लगाएँ।
  4. चौथा कदम: हर महीने थोड़ा-थोड़ा खरीदें (SIP की तरह), ताकि ऊपर-नीचे का रिस्क कम हो।
  5. पाँचवाँ कदम: कम से कम 3-5 साल के लिए होल्ड करें।

याद रखें, क्रिप्टो में जल्दी अमीर बनने के चक्कर में न पड़ें। यहाँ भी वही नियम लागू होता है - धैर्य और अनुशासन ही सबसे बड़ी पूँजी है।

निष्कर्ष: क्रिप्टो की दुनिया में कदम रखते समय

क्रिप्टोकरेंसी सिर्फ एक निवेश नहीं, बल्कि एक टेक्नोलॉजी और सोच है। यह पैसे के पुराने सिस्टम को बदलने की कोशिश है। 2026 में यह दुनिया और मैच्योर हो गई है। अब सिर्फ "मून" और "लैम्बो" के चक्कर नहीं हैं, बल्कि असली यूटिलिटी और एडॉप्शन पर फोकस है。

बिटकॉइन और एथेरियम से शुरुआत करें, धीरे-धीरे दूसरे प्रोजेक्ट्स समझें, और हमेशा रिसर्च करके निवेश करें। यह एक उतार-चढ़ाव भरा सफर है, पर सही समझ और धैर्य के साथ यह बेहद फायदेमंद भी हो सकता है。

याद रखिए, क्रिप्टो की दुनिया में सबसे बड़ा रिस्क यह नहीं है कि आप निवेश करें या न करें। सबसे बड़ा रिस्क है - बिना समझे निवेश करना या डर के मारे इस पूरी दुनिया से दूर रहना。


अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. क्या भारत में क्रिप्टोकरेंसी कानूनी है?

हाँ, भारत में क्रिप्टोकरेंसी खरीदना, बेचना और होल्ड करना कानूनी है। हालाँकि, सरकार ने इसे रेगुलेट करने के लिए कानून बनाए हैं। 30% टैक्स देना होता है और हर ट्रांजैक्शन की जानकारी देनी होती है। 2026 में क्रिप्टो पर कोई प्रतिबंध नहीं है, बल्कि रेगुलेशन का दौर है।

2. क्रिप्टो में सबसे सुरक्षित निवेश क्या है?

बिटकॉइन (BTC) को सबसे सुरक्षित क्रिप्टो माना जाता है। यह सबसे पुराना है, सबसे ज्यादा एडॉप्ट किया गया है, और इसकी सिक्योरिटी सबसे मजबूत है। उसके बाद एथेरियम (ETH) आता है।

3. क्या मैं छोटी रकम से क्रिप्टो खरीद सकता हूँ?

बिल्कुल। आप 100 रुपये से भी क्रिप्टो खरीद सकते हैं। ज्यादातर एक्सचेंज पर फ्रैक्शनल खरीदारी की सुविधा है। यानी आप पूरा बिटकॉइन नहीं, बल्कि उसका 0.00001 हिस्सा भी खरीद सकते हैं।

4. क्रिप्टो वॉलेट क्या होता है और कौन-सा इस्तेमाल करूँ?

क्रिप्टो वॉलेट एक डिजिटल वॉलेट है जहाँ आप अपनी क्रिप्टोकरेंसी स्टोर करते हैं। दो तरह के होते हैं:

  • हॉट वॉलेट: इंटरनेट से कनेक्टेड (जैसे मेटामास्क, ट्रस्ट वॉलेट, एक्सचेंज वॉलेट) - ट्रेडिंग के लिए सही।
  • कोल्ड वॉलेट: ऑफलाइन (जैसे लेजर, ट्रेजर) - लंबी अवधि के लिए सबसे सुरक्षित।

शुरुआत में एक्सचेंज वॉलेट ही काफी है, लेकिन बड़ी रकम के लिए हार्डवेयर वॉलेट लें।

5. क्रिप्टो में SIP जैसा कुछ होता है क्या?

हाँ। कई एक्सचेंज (जैसे CoinDCX, Binance) में आप रेगुलर SIP की तरह हर दिन, हर हफ्ते या हर महीने क्रिप्टो खरीद सकते हैं। यह रुपी-कॉस्ट एवरेजिंग के लिए बहुत अच्छा तरीका है।

6. क्रिप्टो में "पंप एंड डंप" स्कैम से कैसे बचूँ?

  • कोई भी क्रिप्टो सिर्फ इसलिए न खरीदें कि टेलीग्राम ग्रुप या सोशल मीडिया पर तेजी से प्रमोशन हो रहा है।
  • जिन क्रिप्टो की कीमत अचानक बिना किसी खबर के 200-300% बढ़ जाए, उनसे सावधान रहें।
  • हमेशा रियल प्रोजेक्ट्स, अच्छी टीम और रियल यूज केस वाली क्रिप्टो में निवेश करें।
  • डीएक्ससील (DexScreener) या कॉइनगेको (CoinGecko) पर वॉल्यूम और लिक्विडिटी चेक करें।

7. क्या मैं क्रिप्टो में कमाई को भारत में वापस ला सकता हूँ?

हाँ। आप क्रिप्टो बेचकर INR निकाल सकते हैं और उसे अपने बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर सकते हैं। बस टैक्स का पूरा भुगतान करना याद रखें।


आधिकारिक स्रोत (Official Sources)

  • CoinGecko: https://www.coingecko.com/ (दुनिया भर की क्रिप्टो की कीमतें और डेटा)
  • CoinMarketCap: https://coinmarketcap.com/ (क्रिप्टो मार्केट कैप और रैंकिंग)
  • SEBI: https://www.sebi.gov.in/ (भारत में निवेशक सुरक्षा के लिए)
  • RBI: https://www.rbi.org.in/ (भारत में क्रिप्टो पर नीतियों के लिए)
  • Income Tax India: https://www.incometax.gov.in/ (क्रिप्टो टैक्स के नियमों के लिए)
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण):

यह लेख केवल सामान्य जानकारी एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए तैयार किया गया है। यह किसी भी प्रकार की वित्तीय सलाह, निवेश की सिफारिश, या किसी क्रिप्टोकरेंसी को खरीदने/बेचने का अनुरोध नहीं है।

  1. पेशेवर सलाह लें: कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले, अपनी व्यक्तिगत वित्तीय स्थिति, निवेश लक्ष्य, और जोखिम सहनशीलता के आधार पर एक सर्टिफाइड वित्तीय सलाहकार (SEBI रजिस्टर्ड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर) से स्वतंत्र सलाह अवश्य लें।
  2. स्वयं शोध करें: किसी भी क्रिप्टोकरेंसी या प्रोजेक्ट में निवेश करने से पहले, उसके व्हाइटपेपर, टीम, यूज केस और टेक्नोलॉजी का स्वयं गहन शोध करें। इस लेख में दिए गए उदाहरण और तरीके केवल समझाने के लिए हैं।
  3. निवेश जोखिम: निवेशकों को यह समझना चाहिए कि क्रिप्टोकरेंसी में निवेश अत्यधिक जोखिम भरा है। कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव हो सकता है और पूँजी के पूरी तरह खोने का जोखिम है। पिछला प्रदर्शन भविष्य के परिणामों की गारंटी नहीं है।
  4. रेगुलेटरी जोखिम: क्रिप्टोकरेंसी पर सरकारी नियम और कराधान बदल सकते हैं। निवेशकों को नवीनतम कानूनी स्थिति की जानकारी रखनी चाहिए।
  5. जिम्मेदारी: इस लेख में दी गई किसी भी जानकारी, अवधारणा या उदाहरण के आधार पर लिए गए निवेश निर्णयों के परिणामों की पूरी जिम्मेदारी निवेशक की स्वयं की होगी। लेखक या प्रकाशक किसी भी प्रत्यक्ष, अप्रत्यक्ष, आकस्मिक या परिणामी हानि या क्षति के लिए उत्तरदायी नहीं होंगे।

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