बैंकिंग सेक्टर बनाम IT सेक्टर: 2026 में कहां लगाएं पैसा? एक्सपर्ट की राय

Written by Finmaster 

आपने अक्सर सुना होगा - "बैंकिंग सेक्टर में निवेश करो" या "IT सेक्टर का कोई तोड़ नहीं"। लेकिन 2026 में जब बाजार की तस्वीर पूरी तरह बदल रही है, तब यह सवाल और भी जरूरी हो जाता है कि आखिर दिग्गजों की इस टक्कर में कौन मारे, कौन खाए?



पिछले कुछ महीनों में बाजार में एक दिलचस्प ट्रेंड देखने को मिला है। एक तरफ बैंकिंग सेक्टर ने शानदार प्रदर्शन किया है, तो दूसरी तरफ IT सेक्टर सुस्त पड़ा नजर आ रहा है। यह कोई संयोग नहीं है। इसके पीछे ठोस वजहें हैं, और इन वजहों को समझना हर निवेशक के लिए जरूरी है。

आज हम बात करेंगे इन्हीं दो दिग्गज सेक्टर्स की। बिना किसी जटिल भाषा के, सीधे-साधे तरीके से समझेंगे कि 2026 में बैंकिंग और IT सेक्टर में क्या चल रहा है और आपको अपना पैसा कहां लगाना चाहिए।

पहले समझें: क्यों जरूरी है यह तुलना?

बैंकिंग और IT - ये दो ऐसे सेक्टर हैं जो भारतीय शेयर बाजार की रीढ़ माने जाते हैं। निफ्टी 50 में सबसे ज्यादा वेटेज इन्हीं दोनों सेक्टर्स का है। इसलिए जब ये दोनों सेक्टर अलग-अलग दिशाओं में जाते हैं, तो पूरा बाजार प्रभावित होता है。

यूटीआई म्यूचुअल फंड के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और इक्विटी फंड मैनेजर अमित प्रेमचंदानी ने हाल ही में एक इंटरव्यू में इसी मुद्दे पर चर्चा की है। उनकी राय को समझना इसलिए जरूरी है क्योंकि वह रोजाना करोड़ों रुपये का निवेश प्रबंधित करते हैं और उनके पास बाजार की गहरी समझ है।

बैंकिंग सेक्टर: मजबूत नींव पर खड़ी इमारत

कैसा रहा हाल ही का प्रदर्शन?

बैंकिंग सेक्टर ने हाल ही के नतीजों में उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया है। अमित प्रेमचंदानी के मुताबिक, BFSI (बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज एंड इंश्योरेंस) सेक्टर ने शानदार कमाई दर्ज की है। यह अच्छा प्रदर्शन लोन ग्रोथ में तेजी और लगातार ऊंचे ROA (रिटर्न ऑन एसेट्स) और ROE (रिटर्न ऑन इक्विटी) की वजह से हुआ है。

क्यों मजबूत है बैंकिंग सेक्टर?

  1. बैलेंस शीट में सुधार: पिछले कुछ सालों में बैंकों ने अपनी बैलेंस शीट को काफी मजबूत किया है। NPA (नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स) का स्तर काफी नीचे आया है और बैंक अब ग्रोथ पर फोकस कर रहे हैं।
  2. क्रेडिट ग्रोथ: हाउसिंग, रिटेल और MSME सेगमेंट में क्रेडिट की मांग लगातार बनी हुई है। टियर-2 और टियर-3 शहरों में होम लोन की मांग खासी तेज है।
  3. पीएसयू बैंकों का शानदार प्रदर्शन: सरकारी बैंकों ने भी शानदार प्रदर्शन किया है। अमित प्रेमचंदानी का कहना है कि पीएसयू बैंकों का मूल्यांकन अब मालिकाना हक के आधार पर नहीं, बल्कि ग्रोथ, एसेट क्वालिटी और रिटर्न रेशियो के आधार पर हो रहा है। यह एक बड़ा बदलाव है।
  4. डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन: बैंक अब AI को एक्सपेरिमेंट से आगे बढ़ाकर एक्जीक्यूशन फेज में ले जा रहे हैं। ट्रांजैक्शन मॉनिटरिंग, कस्टमर ऑनबोर्डिंग और रिस्क मैनेजमेंट में AI का इस्तेमाल बढ़ रहा है, जिससे कॉस्ट टू इनकम रेशियो में सुधार हो रहा है।

क्या हैं चुनौतियां?

  1. डिपॉजिट के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा: क्रेडिट ग्रोथ के मुकाबले डिपॉजिट ग्रोथ कम रही है, जिससे बैंकों के लिए फंड जुटाना महंगा हो सकता है।
  2. मार्जिन पर दबाव: डिपॉजिट रेट्स में बढ़ोतरी से बैंकों के NIM (नेट इंटरेस्ट मार्जिन) पर दबाव बना रह सकता है।

IT सेक्टर: AI के दौर में नई चुनौतियां

कैसा रहा हाल ही का प्रदर्शन?

IT सेक्टर इन दिनों एक मुश्किल दौर से गुजर रहा है। 11 फरवरी 2026 को निफ्टी IT इंडेक्स 1.76% गिरा, जबकि टीसीएस, पर्सिस्टेंट और इंफोसिस जैसे दिग्गजों के शेयरों में 3% तक की गिरावट आई。

क्यों दबाव में है IT सेक्टर?

  1. AI का खतरा: सबसे बड़ी चिंता आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर है। अमित प्रेमचंदानी का कहना है कि IT सेक्टर के लंबे समय के वैल्यू को लेकर चिंताएं हैं, खासकर AI के बढ़ते इस्तेमाल की वजह से। सवाल यह है कि जब AI खुद कोड लिख सकता है और प्रोसेस ऑटोमेट कर सकता है, तो IT कंपनियों का बिजनेस मॉडल कैसे बदलेगा?
  2. डील मोमेंटम में सुधार के बावजूद चिंता: प्रेमचंदानी मानते हैं कि IT सेक्टर में डील मोमेंटम में सुधार के शुरुआती संकेत हैं और यह हाई FCF (फ्री कैश फ्लो) जेनरेट करने वाला सेक्टर बना हुआ है। लेकिन फिर भी लंबी अवधि के नजरिए से अनिश्चितता बनी हुई है।
  3. वैश्विक मंदी की आशंका: IT कंपनियों की कमाई का बड़ा हिस्सा अमेरिका और यूरोप से आता है। वहां की आर्थिक स्थिति सीधे IT सेक्टर को प्रभावित करती है।

क्या हैं सकारात्मक पहलू?

  1. AI ट्रांजिशन में अहम भूमिका: प्रेमचंदानी का मानना है कि IT सर्विसेज कंपनियां एंटरप्राइज एनवायरनमेंट में AI ट्रांजिशन को लागू करने में अहम भूमिका निभाएंगी। यानी जहां एक तरफ AI उनके लिए चुनौती है, वहीं अवसर भी है।
  2. मजबूत बैलेंस शीट: IT कंपनियों के पास मजबूत बैलेंस शीट और भारी मात्रा में कैश है, जो उन्हें मुश्किल वक्त में सहारा दे सकता है।

दोनों सेक्टर्स की सीधी तुलना

पैरामीटर बैंकिंग सेक्टर IT सेक्टर
हालिया प्रदर्शन मजबूत, उम्मीद से बेहतर कमजोर, दबाव में
ग्रोथ आउटलुक घरेलू मांग से ग्रोथ की उम्मीद वैश्विक अनिश्चितता से प्रभावित
प्रमुख चुनौती डिपॉजिट के लिए प्रतिस्पर्धा, मार्जिन दबाव AI का बढ़ता प्रभाव
वैल्यूएशन अभी भी उचित ऐतिहासिक औसत से नीचे
डिविडेंड यील्ड कुछ बैंक अच्छा डिविडेंड दे रहे हैं आमतौर पर कम डिविडेंड, बायबैक पर फोकस
जोखिम प्रोफाइल मध्यम (साइक्लिकल) मध्यम से उच्च (टेक्नोलॉजी रिस्क)

निवेशकों के लिए क्या रणनीति होनी चाहिए?

अब सबसे अहम सवाल - एक आम निवेशक के तौर पर आपको क्या करना चाहिए? यहां कुछ सुझाव हैं:

  1. पोर्टफोलियो में संतुलन बनाए रखें: दोनों सेक्टर्स में अपनी हिस्सेदारी का सही संतुलन बनाए रखना जरूरी है। अगर आपका पोर्टफोलियो IT सेक्टर में ओवरवेट है, तो अब बैंकिंग सेक्टर में निवेश बढ़ाने पर विचार कर सकते हैं।
  2. लंबी अवधि का नजरिया रखें:
    • बैंकिंग सेक्टर के लिए: घरेलू अर्थव्यवस्था की मजबूती और क्रेडिट ग्रोथ को देखते हुए, बैंकिंग सेक्टर में लंबी अवधि के निवेश की संभावनाएं अच्छी हैं। हालांकि, शॉर्ट टर्म में मार्जिन पर दबाव बना रह सकता है।
    • IT सेक्टर के लिए: AI के चलते शॉर्ट टर्म में अनिश्चितता है, लेकिन जो कंपनियां AI ट्रांजिशन को अपने बिजनेस में ढाल लेंगी, वे लंबी अवधि में मजबूत रिटर्न दे सकती हैं। अमित प्रेमचंदानी का मानना है कि IT कंपनियां AI ट्रांजिशन को लागू करने में अहम भूमिका निभाएंगी।
  3. SIP का सहारा लें: अगर आप कंफ्यूज हैं कि किस सेक्टर में निवेश करें, तो दोनों सेक्टर्स के म्यूचुअल फंड या ETF में SIP शुरू कर सकते हैं। इससे आपको दोनों का फायदा मिलेगा और टाइमिंग का जोखिम भी कम होगा।
  4. क्वालिटी पर फोकस करें: किसी भी सेक्टर में निवेश से पहले कंपनी की क्वालिटी जरूर देखें। मजबूत बैलेंस शीट, अच्छा मैनेजमेंट और क्लियर ग्रोथ स्ट्रैटेजी वाली कंपनियों को प्राथमिकता दें।

निष्कर्ष: किस सेक्टर में लगाएं पैसा?

बैंकिंग और IT, दोनों ही सेक्टर्स में निवेश के अपने फायदे और नुकसान हैं। 2026 में बैंकिंग सेक्टर मजबूत नींव पर खड़ा है और घरेलू अर्थव्यवस्था की ग्रोथ से फायदा उठाने की स्थिति में है। दूसरी तरफ IT सेक्टर AI के दौर में खुद को ढालने की कोशिश कर रहा है, जो चुनौती भी है और अवसर भी।

एक्सपर्ट्स का मानना है कि शॉर्ट टर्म में बैंकिंग सेक्टर बेहतर प्रदर्शन कर सकता है, लेकिन लंबी अवधि के निवेशकों के लिए IT सेक्टर को पूरी तरर नजरअंदाज करना सही नहीं होगा।

सबसे समझदारी भरा तरीका यही है कि दोनों सेक्टर्स में संतुलित निवेश किया जाए। अपनी जोखिम उठाने की क्षमता और निवेश लक्ष्यों के हिसाब से दोनों में सही तालमेल बनाएं। और हां, किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह जरूर लें。


अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. क्या अब IT सेक्टर में निवेश करना सुरक्षित है?

IT सेक्टर में निवेश करना पूरी तरह सुरक्षित तो नहीं कहा जा सकता, क्योंकि AI के चलते इस सेक्टर में बड़े बदलाव हो रहे हैं। लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि जो कंपनियां AI को अपने बिजनेस में ढाल लेंगी, वे लंबी अवधि में अच्छा रिटर्न दे सकती हैं। शॉर्ट टर्म के निवेशकों के लिए यह सेक्टर फिलहाल जोखिम भरा हो सकता है。

2. बैंकिंग सेक्टर के शेयर अभी भी सस्ते हैं क्या?

बैंकिंग सेक्टर के वैल्यूएशन अभी भी उचित स्तर पर हैं। पिछले कुछ सालों में बैंकों ने अपनी बैलेंस शीट मजबूत की है और एनपीए का स्तर काफी नीचे आया है। हालांकि, डिपॉजिट के लिए प्रतिस्पर्धा और मार्जिन पर दबाव जैसी चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं。

3. क्या पीएसयू बैंकों में निवेश करना चाहिए?

अमित प्रेमचंदानी के मुताबिक, पीएसयू बैंकों ने शानदार प्रदर्शन किया है और अब उनका मूल्यांकन ग्रोथ, एसेट क्वालिटी और रिटर्न रेशियो के आधार पर हो रहा है। हालांकि, पीएसयू बैंकों में निवेश से पहले उनके फंडामेंटल्स जरूर देख लें。

4. बैंकिंग और IT सेक्टर में निवेश का सही तरीका क्या है?

दोनों सेक्टर्स में निवेश का सबसे अच्छा तरीका है म्यूचुअल फंड या ETF के जरिए SIP करना। बैंकिंग सेक्टर के लिए निफ्टी बैंक ETF और IT सेक्टर के लिए निफ्टी IT ETF अच्छे विकल्प हो सकते हैं। अगर सीधे शेयरों में निवेश करना चाहते हैं, तो टॉप 3-4 कंपनियों पर फोकस करें और पोर्टफोलियो डायवर्सिफाइड रखें。

5. AI से IT सेक्टर को क्या नुकसान होगा?

AI के बढ़ते इस्तेमाल से IT सर्विसेज की डिमांड पर असर पड़ सकता है। जो काम पहले इंसान करते थे, वह अब AI कर सकता है। लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि AI ट्रांजिशन को लागू करने में IT कंपनियां अहम भूमिका निभाएंगी। यानी चैलेंज के साथ-साथ ऑपर्च्युनिटी भी है。


डिस्क्लेमर (अस्वीकरण):

यह लेख केवल सामान्य जानकारी एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए तैयार किया गया है। यह किसी भी प्रकार की वित्तीय सलाह, निवेश की सिफारिश, या किसी सेक्टर/कंपनी में निवेश का अनुरोध नहीं है।

  1. पेशेवर सलाह लें: कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले, अपनी व्यक्तिगत वित्तीय स्थिति, निवेश लक्ष्य, और जोखिम सहनशीलता के आधार पर एक सर्टिफाइड वित्तीय सलाहकार (SEBI रजिस्टर्ड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर) से स्वतंत्र सलाह अवश्य लें।
  2. स्वयं शोध करें: इस लेख में दी गई जानकारी और एक्सपर्ट की राय केवल सूचनात्मक उद्देश्य से है। किसी भी निवेश से पहले संबंधित कंपनियों और सेक्टर्स का स्वयं गहन शोध करें।
  3. बाजार जोखिम: निवेशकों को यह समझना चाहिए कि शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, जिसमें पूँजी की हानि का जोखिम शामिल है। पिछला प्रदर्शन भविष्य के परिणामों की गारंटी नहीं है। सेक्टोरल निवेश में यह जोखिम और अधिक केंद्रित होता है।
  4. जिम्मेदारी: इस लेख में दी गई किसी भी जानकारी, अवधारणा या उदाहरण के आधार पर लिए गए निवेश निर्णयों के परिणामों की पूरी जिम्मेदारी निवेशक की स्वयं की होगी। लेखक या प्रकाशक किसी भी प्रत्यक्ष, अप्रत्यक्ष, आकस्मिक या परिणामी हानि या क्षति के लिए उत्तरदायी नहीं होंगे।

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